“कमाल है यार...कभी पता नहीं चला लेकिन...कब से?”
“ऑफ कोर्स! थोड़ी क्रीएटिविटि दिखा देती। बन जाती धर्मा प्रॉडक्शन की शनाया और नताशा।”
“अरे तू पागल है क्या? ऐसे ही आ जाएगी। और मेरे पास सारे कपड़े हैं भी नहीं। और मैं कैसे खोलूँगी दरवाज़ा...किसी ने देख लिया तो?”
सुबह उठ कर नहाने के बाद उसके लिए सबसे बड़ा सवाल था की वो क्या पहने। सारी काफी फॉर्मल लगेगा और समय भी लेगा लेकिन हिंदुस्तानी लड़की को सबसे अच्छा वही लगता है। लहंगा पसंद है लेकिन आज का वो मौका नहीं था। सलवार-कमीज़ ठीक लग रहा था लेकिन है तो वो कुर्ता पाजामा ही। अंत में उसने सोचा की स्कर्ट और टॉप ही पहना जाए।
फिर वो हाथ और पैरों की उँगलियों पर गहरे लाल रंग का नेल पैंट लगता है और थोड़ी देर उसको सूखने देता है। उसके बाद वो शीशे के सामने बैठ कर पीछले 13 दिन में यूट्यूब से जितनी मेक-अप की ट्रेनिंग ली थी उसका इस्तेमाल करता है। 20 मिनट की कारीगरी के बाद आशा थोड़ी थोड़ी झलक रही थी। चुकीं एक्सपर्ट का काम नहीं था तो वो लग भी नहीं रहा था। लेकिन कमरे में कोई उसे जज करने वाला था भी नहीं। फिर वो अपने कानो पर क्लिप-ऑन टॉप्स लगता है और अंत में सर पर मुकुट के तरह से विग। फ्लिपकार्ट पर उस वो ठीक ही लगा था। बाल पीठ तक आ रहे थे। एक बार सेट करने के बाद वो वापस मुड़ कर आईने में देखता है तो वो देखती ही रह जाती है।
P.S:
This is a wonderful short and sweet story by Phankuri. Read and enjoy this beautiful story.
Very nice story Pankhuri..very well written
Thank you for your comment 😍It's a nice story..well done Pankhuri..Good job Meghana..you started posting other people's content as well.
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